SRH 2016 vs 2026 History : क्या काव्या मारन की हैदराबाद दोहराएगी 2016 का इतिहास? इस महा-रिकॉर्ड पर टिकी सबकी नजरें
मुख्य बिंदु:
- सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में तीसरे स्थान पर रहकर क्वालीफाई कर चुकी है।
- हैदराबाद आईपीएल इतिहास की इकलौती ऐसी टीम है जिसने एलिमिनेटर मैच खेलकर ट्रॉफी जीती है।
- जानिए 2016 का वो इतिहास और इस सीजन में SRH के चैंपियन बनने का पूरा समीकरण।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का लीग स्टेज खत्म हो चुका है और अब असली जंग यानी प्लेऑफ की शुरुआत होने वाली है। काव्या मारन की टीम सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने पॉइंट्स टेबल में तीसरे पायदान पर रहकर प्लेऑफ का टिकट पक्का कर लिया है। अब हैदराबाद को 27 मई को न्यू चंडीगढ़ में एलिमिनेटर मुकाबला खेलना है। इस मुकाबले के आते ही क्रिकेट प्रेमियों को साल 2016 का वो ऐतिहासिक सीजन याद आ गया है, जब SRH ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया था। आइए जानते हैं क्या हैदराबाद इस बार फिर इतिहास दोहरा पाएगी।
SRH 2016 vs 2026 History

क्या है SRH का 2016 वाला महा-रिकॉर्ड?
आईपीएल के इतिहास में अमूमन वही टीमें ट्रॉफी जीतती हैं जो पॉइंट्स टेबल के टॉप-2 में रहती हैं, क्योंकि उन्हें फाइनल में पहुंचने के दो मौके (क्वालीफायर-1 और क्वालीफायर-2) मिलते हैं। लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल इतिहास की इकलौती ऐसी टीम है जिसने नंबर 3 या 4 पर रहकर, यानी एलिमिनेटर मुकाबला खेलने के बावजूद आईपीएल की ट्रॉफी उठाई थी।
साल 2016 में डेविड वॉर्नर की कप्तानी में SRH ने प्लेऑफ में पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को धोया, फिर गुजरात लायंस को मात दी और फाइनल में विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को उनके घर में हराकर खिताब जीता था।
IPL 2026 में फाइनल तक पहुंचने का क्या है समीकरण?
इस सीजन में भी सनराइजर्स हैदराबाद को अगर ट्रॉफी उठानी है, तो उन्हें लगातार तीन मैचों में ‘जीत की हैट्रिक’ लगानी होगी:
27 मई (एलिमिनेटर): न्यू चंडीगढ़ में होने वाले इस मैच को हर हाल में जीतना होगा। हारने पर टीम सीधे बाहर हो जाएगी।
29 मई (क्वालीफायर-2): एलिमिनेटर जीतने के बाद टीम को क्वालीफायर-1 हारने वाली टीम से भिड़ना होगा।
फाइनल मुकाबला: क्वालीफायर-2 जीतने के बाद टीम फाइनल में प्रवेश करेगी।
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धमाकेदार बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी है SRH की ताकत

इस सीजन में हैदराबाद की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) उनकी आक्रामक बल्लेबाजी रही है। टीम के बल्लेबाज विपक्षी गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे हैं:
हेनरिक क्लासेन: इस सीजन के सबसे बड़े मैच विनर साबित हुए हैं, जिन्होंने 14 मैचों में 606 रन कूटे हैं।
अभिषेक शर्मा और ईशान किशन: ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर में इन दोनों ने क्रमशः 563 और 569 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है।
वहीं गेंदबाजी की बात करें तो पैट कमिंस की कप्तानी में गेंदबाजी आक्रमण बेहद सुधरा हुआ नजर आया है। ईशान मलिंगा ने 14 मैचों में 19 विकेट चटकाए हैं, जबकि साकिब हुसैन ने 10 मैचों में 15 विकेट लेकर मिडिल ओवर्स में रनों पर अंकुश लगाया है।
अगर पैट कमिंस की कप्तानी वाली इस टीम को देखें, तो इनके पास वह निडर अंदाज (Fearless Approach) है जो 2016 की वॉर्नर की टीम में था। ट्रेविस हेड और हेनरिक क्लासेन जैसे बड़े मैचों के खिलाड़ी प्लेऑफ के दबाव को अच्छे से संभालना जानते हैं। अगर हैदराबाद 27 मई का एलिमिनेटर मैच जीत जाती है, तो उनका आत्मविश्वास इतना बढ़ जाएगा कि उन्हें रोकना किसी भी टीम के लिए मुश्किल होगा। अगर वह ऐसा करने में कामयाब रहे, तो वह आईपीएल इतिहास में दो बार एलिमिनेटर खेलकर ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन जाएंगे।
काव्या मारन की सनराइजर्स हैदराबाद के पास इतिहास रचने का यह सबसे सुनहरा मौका है। आंकड़े और मौजूदा फॉर्म तो हैदराबाद के पक्ष में दिख रहे हैं, लेकिन प्लेऑफ के नॉकआउट मैचों में जो टीम दबाव को बेहतर झेलेगी, वही बाजी मारेगी।
आपको क्या लगता है, क्या सनराइजर्स हैदराबाद इस बार 2016 का इतिहास दोहरा पाएगी? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!
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