MS Dhoni on Ruturaj Gaikwad Captaincy : धोनी का बड़ा बयान: ‘क्रिकेट फुटबॉल नहीं, यहां कप्तान ही असली बॉस है’; ऋतुराज गायकवाड़ को दी खुली छूट
MS Dhoni on Ruturaj Gaikwad Captaincy: एमएस धोनी ने ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी और क्रिकेट में कप्तान की भूमिका पर बड़ा बयान दिया है। जानें क्यों धोनी ने क्रिकेट को फुटबॉल से अलग बताया और अपनी फिटनेस पर क्या बड़ा अपडेट दिया।
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के दिग्गज और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने कप्तानी और टीम मैनेजमेंट को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। चेन्नई में एक ट्रेनिंग सेशन से पहले आयोजित कार्यक्रम में धोनी ने साफ शब्दों में कहा कि क्रिकेट का खेल फुटबॉल से बिल्कुल अलग है और यहां मैदान पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार सिर्फ कप्तान के पास होता है। इसके साथ ही धोनी ने सीएसके के मौजूदा कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) को लेकर भी खुलकर बात की।
MS Dhoni on Ruturaj Gaikwad Captaincy

ऋतुराज को दिया ‘फ्री हैंड’, धोनी बोले- ‘नकल करने की जरूरत नहीं’
ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी पर बात करते हुए धोनी ने कहा कि उन्होंने नए कप्तान को पूरी आजादी दी है। धोनी ने कहा, “मैंने ऋतुराज से साफ कह दिया है कि वह चेन्नई सुपर किंग्स को उसी तरह चलाएं, जैसे वह खुद चलाना चाहते हैं। मैं भी लंबे समय से इस फ्रेंचाइजी को इसी तरह अपनी शैली में चलाता आया हूं।”
धोनी ने गायकवाड़ को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें किसी दूसरे की नकल करने के बजाय अपनी खुद की अलग पहचान और स्टाइल विकसित करना चाहिए। धोनी ने कहा, “ऋतुराज मेरी कप्तानी के तरीकों से कुछ चीजें जरूर सीखेंगे, लेकिन हर खिलाड़ी और कप्तान अलग होता है। उन्हें जो भी स्टाइल सही लगे, उसे अपनाने की पूरी आजादी है।”
सलाह मानने की कोई मजबूरी नहीं, जिम्मेदारी लीडर की
कैप्टन कूल ने लीडरशिप की अहमियत समझाते हुए कहा कि वह हमेशा ऋतुराज की मदद के लिए खड़े हैं, लेकिन फैसले गायकवाड़ को खुद लेने होंगे। धोनी ने मजाकिया और गंभीर लहजे में कहा, “मैं हमेशा खुलकर बात करूंगा, लेकिन जरूरी नहीं कि मैं जो कहूं, ऋतुराज वही करें। मान लीजिए अगर मैं उन्हें 10 सलाह देता हूं और वह उनमें से एक भी नहीं मानते हैं, तब भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है। जब आप एक लीडर होते हैं, तो अंतिम फैसला और उसकी जिम्मेदारी दोनों आपकी ही होनी चाहिए।”
क्रिकेट में कोच नहीं, कप्तान ही असली ‘बॉस’
धोनी ने क्रिकेट और फुटबॉल के बीच का अंतर समझाते हुए कहा, “मुझे हमेशा लगता है कि क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहां मैदान पर सारे फैसले कप्तान को ही लेने होते हैं। हां, टीम में कोच और सपोर्ट स्टाफ जरूर होते हैं, लेकिन यह फुटबॉल जैसा खेल नहीं है, जहां डगआउट में बैठा मैनेजर ही सब कुछ तय करता है। क्रिकेट में मैदान के अंदर कप्तान ही बॉस होता है।”
‘क्रिकेट फर्स्ट’ है CSK की सफलता का मूल मंत्र
चेन्नई सुपर किंग्स को अपनी कप्तानी में 5 बार आईपीएल का खिताब जिताने वाले धोनी ने फ्रेंचाइजी की सफलता का राज भी खोला। उन्होंने कहा कि सीएसके हमेशा ‘क्रिकेट फर्स्ट’ (खेल सबसे पहले) की सोच के साथ आगे बढ़ती है। टीम का पूरा फोकस सिर्फ मैदान पर बेहतर खेल दिखाने पर रहता है, न कि उसके आस-पास होने वाले ग्लैमर या बाहरी चीजों पर। फ्रेंचाइजी अच्छी तरह जानती है कि उसकी असली पहचान सिर्फ क्रिकेट से है।
सोशल मीडिया फॉलोअर्स पर धोनी के विचार
अपनी सादगी और फैंस से जुड़ाव पर बात करते हुए धोनी ने कहा, “मैंने कभी भी सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने या फैंस की गिनती बढ़ाने की कोशिश नहीं की। मैं हमेशा असल (Genuine) बने रहने में विश्वास रखता हूं। जब आप पूरी ईमानदारी के साथ रहते हैं, तो लोग अपने आप आपसे जुड़ जाते हैं और आपको पसंद करने लगते हैं। मुश्किल समय में यही सच्चे फैंस मैदान पर आपको 10 से 15 प्रतिशत अतिरिक्त ऊर्जा देते हैं।”
चोट और फिटनेस पर अपडेट
आपको बता दें कि एमएस धोनी काफ स्ट्रेन (पिंडली की चोट) के कारण इस आईपीएल सीजन में अब तक एक भी मैच नहीं खेल सके हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ होने वाले मैच से पहले भी उन्होंने अपने खेलने को लेकर कोई सीधा अपडेट नहीं दिया। हालांकि, इस कार्यक्रम के तुरंत बाद धोनी एमए चिदंबरम स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने नेट्स पर जमकर पसीना बहाया और बड़े-बड़े गगनचुंबी छक्के लगाए, जिसे देखकर फैंस काफी उत्साहित नजर आए।
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