IPL 2008 Orange Cap Story : जब एक अनकैप्ड खिलाड़ी के लिए अड़ गए थे टॉम मूडी, फिर जो हुआ वो इतिहास बन गया!
आईपीएल (IPL) के इतिहास में हर साल कई अनजान खिलाड़ी आते हैं और रातों-रात स्टार बन जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आईपीएल के सबसे पहले सीजन (2008) में एक ऐसा खिलाड़ी भी आया था, जिसके बारे में उसकी खुद की टीम के कप्तान को भी नहीं पता था! जी हां, हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज शॉन मार्श (Shaun Marsh) की. Shaun Mash ने तब तक कोई भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेला था ।
आज हम आपको आईपीएल 2008 की वो दिलचस्प कहानी बताएंगे कि कैसे एक ‘लास्ट-मिनट रिप्लेसमेंट’ के तौर पर आया खिलाड़ी पूरे टूर्नामेंट का किंग बन गया.
IPL 2008 Orange Cap Story
जब पंजाब टीम के सामने खड़ी हुई बड़ी मुसीबत
साल 2008 में आईपीएल का पहला सीजन अपने पूरे शबाब पर था。 किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) की टीम अच्छा खेल रही थी, लेकिन अचानक टूर्नामेंट के बीच में ही उनके एक मुख्य ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी साइमन कैटिच (Simon Katich) को ऑस्ट्रेलियाई टीम से बुलावा आ गया और उन्हें बीच में ही पंजाब की टीम को छोड़ना पड़ा。
पंजाब की पूरी मैनेजमेंट इस बात को लेकर बेहद परेशान थी कि अब साइमन कैटिच को कौन रिप्लेस करेगा? किसी की समझ में नहीं आ रहा था कि अचानक किस खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जाए.
कोच टॉम मूडी की वो ‘एक जिद’

जब पूरी मैनेजमेंट परेशान थी, तब पंजाब टीम के तत्कालीन कोच टॉम मूडी (Tom Moody) ने एक ऐसा नाम सुझाया जिसने सबको चौंका दिया. उन्होंने कहा, “मैं वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के एक ऐसे लड़के को जानता हूँ जिसने अभी तक एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है, लेकिन उसका टैलेंट बड़े-बड़े इंटरनेशनल प्लेयर्स को पीछे छोड़ सकता है।”
टॉम मूडी ने जिस खिलाड़ी का नाम लिया था, वो कोई और नहीं बल्कि शॉन मार्श थे. शुरुआत में पंजाब की मैनेजमेंट को टॉम मूडी के इस फैसले पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं था . वो एक ऐसे अनकैप्ड खिलाड़ी पर दांव नहीं लगाना चाहते थे जिसने इंटरनेशनल डेब्यू तक नहीं किया था, लेकिन टॉम मूडी अपनी बात पर अड़े रहे.
रिप्लेसमेंट प्लेयर से ‘ऑरेंज कैप’ होल्डर तक का सफर
मैनेजमेंट के भारी संशय के बाद आखिरकार शॉन मार्श को टीम में शामिल किया गया。 और फिर मैदान पर जो हुआ, उसने आईपीएल के इतिहास को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया!
शॉन मार्श ने अपनी विस्फोटक और क्लासिक बल्लेबाजी से पूरे टूर्नामेंट में कोहराम मचा दिया:
- उन्होंने महज 11 मैच खेले और सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने.
- उन्होंने पहले ही सीजन में ‘ऑरेंज कैप’ (Orange Cap) अपने नाम की.
- उनके इस कमाल के प्रदर्शन को देखकर पंजाब की फ्रेंचाइजी ने उन्हें अगले 10 साल तक अपनी टीम से जोड़े रखा.
शॉन मार्श की यह कहानी साबित करती है कि आईपीएल सिर्फ बड़े नामों का खेल नहीं है, बल्कि यह छुपे हुए टैलेंट को दुनिया के सामने लाने का सबसे बड़ा मंच है।
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