India vs Pakistan 2003 World Cup story : जब सचिन तेंदुलकर ने बदल दी थी भारत पाकिस्तान की अद्भुत राइवलरी की तस्वीर ।
क्रिकेट के इतिहास में कुछ दिन ऐसे होते है जो खेल की पूरी परिभाषा ही बदल देते है । 2003 वर्ल्ड कप का भारत – पाकिस्तान मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं था , बल्कि उस दिन का जिक्र है जब सचिन ने भारतीय क्रिकेट का पासा पूरा बदल दिया था ।
India vs Pakistan 2003 World Cup story

दवाब और चुनौती का वो ऐतिहासिक पन्ना
बात करे तो इस मैच से पहले पाकिस्तान का पलड़ा भारत बार भारी था । 84 वनडे मैचों में से भारत सिर्फ 29 मैच ही जीत पाया था । जबकि पाकिस्तान 51 मैच जीत कर अपने चरम पर था । उस समय पाकिस्तान का पेस अटैक काफी खतरनाक था । उनकी बोलिंग यूनिट में वसीम अकरम , वकार यूनिस और शोएब अख्तर जैसे घातक बोलर थे। वह भी दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर।
सचिन तेंदुलकर का मास्टरस्ट्रोक
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 274 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया। लेकिन भारत के लिए एक शख्स ने ठान लिया था कि आज वो कुछ ऐसा करने वाले है कि दुनिया उन्हें इस लिया याद करेगी—सचिन तेंदुलकर। आम तौर पर सहवाग स्ट्राइक लेते थे, लेकिन उस दिन सचिन ने खुद स्ट्राइक ली, क्योंकि वह जानते थे कि अगर मैच जीतना है, तो महान गेंदबाजों (वसीम अकरम) पर शुरुआत से ही हमला करना होगा।
मासिक नहीं, मनोवैज्ञानिक जीत
यह पारी सिर्फ रनों के मामले में खास नहीं थी, बल्कि इसने करोड़ों भारतीय प्रशंसकों का आत्मविश्वास भी बढ़ा दिया था। उस दौर में पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का संघर्ष हमेशा चर्चा का विषय रहता था, लेकिन सचिन ने उस दिन यह साबित कर दिया कि तकनीक और निडरता के आगे दुनिया का सबसे खतरनाक पेस अटैक भी बौना साबित हो सकता है। सचिन ने जिस तरह से वसीम अकरम और शोएब अख्तर के खिलाफ फ्रंट-फुट पर आकर आक्रामक रवैया अपनाया, उसने भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में एक ‘विनिंग मेंटालिटी’ भर दी, जिसका असर आने वाले कई वर्षों तक भारतीय क्रिकेट पर दिखाई दिया।
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वो ऐतिहासिक लम्हे
शुरुआत का प्रहार: सचिन ने शोएब अख्तर की 150 किमी/घंटा की गेंदों पर चौके जड़कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।
गॉड ऑफ शॉट्स: शोएब की उस 150 किमी/घंटा की गेंद पर लगाया गया वह ‘ हुक ‘ शॉट आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए ‘शॉट ऑफ द गॉड्स’ है।
निरंतरता: सचिन ने मात्र 37 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। हालांकि, क्रैम्प्स (cramps) के कारण उन्हें अपनी पारी 98 रनों पर समाप्त करनी पड़ी, लेकिन उन्होंने अपना काम कर दिया था।
भारतीय क्रिकेट की नई शुरुआत
सचिन तेंदुलकर की इस अद्भुत और अविश्वनीय 75 गेंदों पर 98 रनों की पारी ने वो मैच लगभग भारत की झोली में लाकर डाल दिया । इसके बाद मोर्चा संभाला युवराज सिंह और राहुल द्रविड़ ने और भारत को 6 विकेट से मैच जीता दिया । इस मैच के बाद वसीम अकरम और वकार यूनिस के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर को भी अंत तक पहुंचा दिया । क्योंकि इस वर्ल्ड कप के बाद वो कभी पाकिस्तान के लिए नहीं खेले।
इस जीत के बाद भारत पाकिस्तान के बीच जीत का अंतर पूरी तरह बदल गया । सच में उस दिन भारत का पाकिस्तान पर डोमिन्स का उदय हुआ । इसका पूरा श्रेय सिर्फ एक ही इंसान को जाता है वो है द ग्रेट सचिन तेंदुलकर को ।
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