Kohli’s bold call changed Indian cricket forever : वह दिन जिसने इंडियन क्रिकेट के इतिहास और माइंडसेट को पूरी तरह बदल कर रख दिया ।

Kohli’s bold call changed Indian cricket forever : वह दिन जिसने इंडियन क्रिकेट के इतिहास और माइंडसेट को पूरी तरह बदल कर रख दिया ।

क्रिकेट के इतिहास में कुछ जीते ऐसी जीते होती है जो सिर्फ स्कोरकार्ड पर दर्ज नहीं होती । बल्कि वो एक नए युग की शुरुआत होती है । साल 2018 का वो जोहान्सबर्ग टेस्ट, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया वह मुकाबला था, जिसने यह साबित कर दिया था की भारतीय टीम अब किसी से डरने वाली नहीं है । बल्कि जीतने के लिया अब वो कुछ भी करने को तैयार है ।

Kohli’s bold call changed Indian cricket forever

Kohli’s bold call changed Indian cricket forever
Kohli’s bold call changed Indian cricket forever

क्या था वो ऐतिहासिक पल 

भारतीय टीम पहले ही 2-0 से सीरीज गंवा चुकी थी । जोहान्सबर्ग में तीसरे मैच की  चौथे दिन की पिच पर बल्लेबाजी करना किसी जंग से कम नहीं था। चौथी पारी में दक्षिण अफ्रीका को 241 रनों का लक्ष्य मिला था , मैच की स्थिति को देखते हुए लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका ये मैच आसानी से जीत जाएगी और सीरीज को व्हाइट वॉश कर देगी । लेकिन यही से मैच ने यक नया मोड़ लिया ।

जब दोनों कप्तानों के बीच हुई तीखी बहस 

मैच के बीच में जसप्रीत बुमराह की यक शानदार बाउंसर दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज डीन एल्गर के हेलमेट पर लगी। पिच की ये खतरनाक स्थिति देखते हुए दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डुप्लेसिस और मैच रेफरी ने भारतीय कप्तान विराट कोहली से मैच को ड्रॉ करने के लिए कहा । उस समय सीरीज हारने के बाद अपनी इज्जत बचाने के लिए मैच ड्रॉ करना सबसे ‘सेफ’ ऑप्शन था।

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विराट कोहली का कॉन्फिडेंट और आइकॉनिक स्टैंड 

विराट कोहली का वो जवाब आज भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों  दर्ज है । उन्होंने ड्रॉ करने से साफ मन कर दिया और फाफ से कहा :

“अगर आपको नहीं खेलना, तो मैच को फॉरफीट (Forfeit) कर दो, यानी हार मान लो। हम यहाँ डिफेंसिव क्रिकेट खेलने नहीं आए हैं। चाहे हम हार जाएं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट हम जीतने के लिए ही खेलेंगे!”

आखरी सेशन के वो चमत्कारी 7 विकेट 

मैच के पांचवें दिन के टी – ब्रेक तक दक्षिण अफ्रीका के 136/3 पर दक्षिणा अफ्रीका मजबूत स्थिति में था । उन्हें जीत के लिए महज 105 रनो की दरकार थी और भारत को 7 विकेट की । सबको लग रहा था भारत ने बहुत बड़ा जोखिम ले लिया है । लेकिन भारत ने टीम हडल बुलाई और खिलाड़ियों को थोड़ा पंप- अप करा फिर जो हुआ वो इतिहास बन गया ।

भारतीय गेंदबाजों ने उस आखरी सेशन में वो करिश्मा करके दिखाया की दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई । वो 177 रनो पर ऑल आउट हो गई और भारत यह मैच 63 रनों से जीत कर इतिहास रच दिया ।

एक नए भारत का उदय

इस जीत ने न केवल उस टेस्ट मैच का नतीजा बदला, बल्कि पूरी दुनिया को बता दिया कि विराट की कप्तानी में भारतीय टीम का ‘माइंडसेट’ बदल चुका है। इसी जीत के बाद अगले 3-4 सालों तक भारतीय टीम ने दुनिया के हर कोने में जाकर टेस्ट क्रिकेट में अपना लोहा मनवाया।

रवि शास्त्री और विराट की केमिस्ट्री 

इस पूरी घटना का जिक्र विराट ने अपने हालिया इंटरव्यू में रवि शास्त्री के साथ खुलकर किया। उस दिन जो चर्चा मैदान पर हुई थी, वह भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम की उस मजबूत मानसिकता को दर्शाती है, जहाँ जीत के लिए जोखिम उठाना और अपनी बातों पर आड़े रहना ही सफलता का एकमात्र मंत्र था। यह किस्सा आज भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को यह याद दिलाता है कि एक सही नेतृत्व कैसे टीम के इतिहास को हमेशा के लिए बदल सकता है।

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