The dark truth of reverse swing : जीनियस या चीटिंग क्रिकेट हिस्ट्री का वो दौर जिसने Icc को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया

The dark truth of reverse swing : जीनियस या चीटिंग क्रिकेट हिस्ट्री का वो दौर जिसने Icc को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया

क्रिकेट की दुनिया में गेंदबाज के पास कोई हथियार होते है जैसे स्विंग , स्लोअर बॉल , बाउंसर आदि पर एक हथियार उनमें से एक है रिवर्स स्विंग जिससे बल्लेबाज आज भी डर की नजर से देखते है । लेकिन क्या आप जानते है एक समय ऐसा भी था जब रिवर्स स्विंग का मतलब एक कौशल ही नहीं गेंद के साथ की गई चालाकी से भी जुड़ा होता था ।

The dark truth of reverse swing

The dark truth of reverse swing
The dark truth of reverse swing

1992 का वो समय जब की गई जीनियस छेड़छाड़।

1990 के दशक के समय रिवर्स स्विंग को गेंदबाज का सबसे खतरनाक हथियार माना जाता था । उस समय न्यूजीलैंड के मुकाबले में रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल इस हद तक बढ़ गया कि अंपायर को भी गेंद की जांच करनी पड़ी । दिलचस्प बात यह है कि उस जमाने में गेंद को रिवर्स स्विंग करने के कई तरीका अपनाए जाते थे जैसा सैंडपेपर से बॉल को रिवर्स स्विंग करना ।

ICC क्यों नहीं लगा पाई थी Ban 

उस समय का यह किस्सा बहुत मशहूर हुआ था और एक अनकह किस्सा बन चुका था । खिलाड़ी मानते थे की वह स्विंग कराने का एक तरीका है । जिसे आज हम बॉल टैम्परिंग (Ball Tampering) के रूप में एक बड़े अपराध की तरह देखते हैं। 1992 में मार्टिन क्रो (Martin Crowe) की कप्तानी में रिवर्स स्विंग का जिस तरह इस्तेमाल हुआ, उसने पूरे खेल जगत को चौंका दिया था।

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क्या विज्ञान है इस रिवर्स स्विंग के पीछे 

रिवर्स स्विंग कोई चालाकी नहीं बल्कि फिजिक्स का एक खेल है । जब गेंद का एक हिस्सा बहुत ज्यादा घिस जाता है । और दूसरी तरफ से यक दम शाइन और चिकना रहता है । तो हवा का दबाव गेंद के दोनों हिस्सों में अलग अलग कम काम करता है । यही कारण है कि हवा की गति और गेंद की सीम (seam) ki दिशा मिलने पर गंद हवा में अपना रास्ता बदलती है और यक दम से अंदर की तरफ मुड़ जाती है , इसलिए दुनिया के महानतम गेंदबाज रिवर्स स्विंग को अपनी गेंदबाजी कला का सबसे मुश्किल और घातक हिस्सा मानते है । इसको सीखने के लिया काफी धैर्य और मेहनत की जरूरत होती है।

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क्या यह चीटिंग थी

आज के क्रिकेट नियम में थोक और लार या पसीना लगाना भी नियम के खिलाफ है। लेकिन उस समय रिवर्स स्विंग को यक जीनियस कला माना जाता था । गेंदबाजों का मनना था कि अगर वे गेंद को यक तरफ से चमका कर गेंद को रिवर्स स्विंग कर रहे हैं । तो यह उनकी कला है न की बेईमानी ।

निष्कर्ष ( Conclusion)

क्रिकेट के नियम समय के साथ बदलते रहे हैं । जो रिवर्स स्विंग कभी जीनियस कला मानी जाती थी । आज वही ball tampering के तौर पर बदनाम है । यह दिखाता है की क्रिकेट का खेल अपनी सीमाओं को पार करने के लिया जाना जाता हैं । आप इसे क्या कहेंगे – एक शानदार गेंदबाजी कौशल वा खेल के नियमों के साथ खिलवाड़ ।

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