Sir Garry Sobers : 1936 में जन्मा वो बाहुबली खिलाड़ी जिसने क्रिकेट इतिहास में पहली बार जड़े थे 6 छक्के, आंकड़े देखकर उड़ जाएंगे होश सर गैरी सोबर्स की अनसुनी कहानी!
जब भी क्रिकेट जगत में सबसे महान खिलाड़ियों की बात होती है, तो हमारे दिमाग में डॉन ब्रैडमैन, सचिन तेंदुलकर या विराट कोहली जैसे बड़े नाम आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा भी फनकार हुआ है जिसे खुद क्रिकेट के पंडित “ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम” (G.O.A.T) मानते हैं?
हम बात कर रहे हैं वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी सर गारफील्ड सोबर्स (सर गैरी सोबर्स) की। वह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि मैदान पर अकेले ही 5 खिलाड़ियों के बराबर थे। चलिए जानते हैं उनके जन्म, उनके पदार्पण (डेब्यू) और उन अनोखे रिकॉर्ड्स के बारे में, जो आज के दौर में एक सपना लगते हैं।
1936 में जन्म और सिर्फ 17 साल की उम्र में बड़ा पदार्पण

सर गारफील्ड सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को बारबाडोस के ब्रिजटाउन में हुआ था। बचपन से ही क्रिकेट के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि उन्होंने बेहद ही छोटी उम्र में सबको प्रभावित किया।
सर गैरी सोबर्स ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना कदम तब रखा जब उनकी उम्र सिर्फ 17 साल 245 दिन थी। उन्होंने 30 मार्च 1954 को इंग्लैंड के खिलाफ किंग्सटन में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। अपने पहले ही मैच में उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी से 4 विकेट चटका कर दुनिया को दिखा दिया था कि क्रिकेट जगत में एक नए सूरज का उदय हो चुका है।
बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण: हर विभाग में शीर्ष स्तर
सर गैरी सोबर्स मैदान पर एक असली ‘कम्प्लीट पैकेज’ थे। उनके करियर के ये आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं:
टेस्ट मैच: उन्होंने 93 टेस्ट मैचों में वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व किया।
रन: 57.78 की बेमिसाल बल्लेबाजी औसत के साथ उन्होंने 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक शामिल हैं।
विकेट: अपने करियर में उन्होंने कुल 235 टेस्ट विकेट चटकाए।
कैच: मैदान पर चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए उन्होंने 109 कैच लपके।
एक ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी
युवराज सिंह से लेकर कीरोन पोलार्ड तक, हमने कई खिलाड़ियों को एक ओवर में 6 छक्के मारते देखा है। लेकिन 31 अगस्त 1968 को सर गारफील्ड सोबर्स ने क्रिकेट इतिहास में सबसे पहली बार एक ओवर में 6 छक्के जड़कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। नॉटिंघमशायर की तरफ से खेलते हुए उन्होंने मैल्कम नैश के ओवर में यह कारनामा किया और ऐसा करने वाले क्रिकेट इतिहास के पहले बाजीगर बने।
सिर्फ 21 साल की उम्र में बनाया विश्व रिकॉर्ड
सर गैरी सोबर्स ने सिर्फ 21 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ एक ऐसी बेमिसाल पारी खेली जो सदियों तक याद रखी जाएगी। उन्होंने 365 रन (नाबाद) की एक ऐतिहासिक पारी खेली, जो उनका पहला टेस्ट शतक भी था! यह “विश्व रिकॉर्ड” पूरे 36 साल तक कोई नहीं तोड़ पाया था, जब तक कि वेस्टइंडीज के ही ब्रायन लारा ने 375 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को ध्वस्त नहीं किया।
तीन अलग शैलियों में गेंदबाजी: एक अनोखा जादू
यह बात सुनने में भले ही एक मजाक लगे, लेकिन सर गारफील्ड सोबर्स एक ही मैच में तीन अलग-अलग शैलियों (स्टाइल्स) से गेंदबाजी कर सकते थे:
बाएं हाथ की मध्यम-तेज गेंदबाजी (Left-arm Fast-medium): नई गेंद से स्विंग और आक्रमण करने के लिए।
बाएं हाथ की पारंपरिक स्पिन (Slow Left-arm Orthodox): नियंत्रित स्पिन से बड़ी साझेदारियां तोड़ने के लिए।
बाएं हाथ की कलाई की स्पिन (Chinaman): बल्लेबाजों को अपनी अप्रत्याशित स्पिन से चकमा देने के लिए।
सर गारफील्ड सोबर्स जैसा खिलाड़ी सदियों में एक बार पैदा होता है। बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी हो या क्षेत्ररक्षण—वह हर विधा में माहिर थे। उनका 1954 में किया गया पदार्पण और उसके बाद के रिकॉर्ड्स आज भी क्रिकेट की सबसे बड़ी धरोहर हैं। यही वजह है कि उन्हें क्रिकेट इतिहास का सबसे मुकम्मल और महान ऑलराउंडर कहा जाता है।
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