Steve Smith Retirement Effect on team australia : स्टीव स्मिथ के संन्यास लेते ही तबाह हो गया ऑस्ट्रेलिया का बैटिंग ऑर्डर! नए खिलाड़ी भी नहीं बचा पा रहे साख, सामने आई बड़ी कमजोरी
विश्व क्रिकेट में कंगारू टीम यानी ऑस्ट्रेलिया (Australia Cricket Team) को अपनी मज़बूत मानसिकता और कभी न हार मानने वाले जज्बे के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट एक बेहद ही मुश्किल दौर (Transition Phase) से गुजर रहा है. टीम लगातार मुकाबले हार रही है और उनकी सबसे बड़ी ताकत यानी उनका बल्लेबाजी क्रम (Batting Department) ताश के पत्तों की तरह बिखर रहा है.
क्रिकेट expert और विशेषज्ञों का मानना है कि इस तबाही की सबसे बड़ी वजह टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (Steve Smith) की कमी है. जब से स्मिथ ने वनडे (ODI) फॉर्मेट से संन्यास लिया है, तब से ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनकी जगह लेने वाला कोई खिलाड़ी पैदा नहीं हुआ है. आइए करते हैं ऑस्ट्रेलियाई टीम की इस मौजूदा कमजोरी का पूरा analysis.
Steve Smith Retirement Effect on team australia

स्टीव स्मिथ का जाना… और कंगारुओं का ढह जाना
स्टीव स्मिथ सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं थे, बल्कि वह ऑस्ट्रेलियाई पारी की वो रीढ़ की हड्डी थे जो एक छोर को मजबूती से थाम कर रखते थे. चाहे स्पिन ट्रैक हो या तेज और उछाल भरी पिचें, स्मिथ का क्रीज पर होना ही विरोधी गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने के लिए काफी होता था.
लेकिन आज की तारीख में वह वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं. उनकी गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह एक्सपोज हो गया है. हालिया मैचों पर नजर डालें तो टीम बड़े स्कोर बनाने में या फिर लक्ष्य का पीछा करने में बुरी तरह नाकाम साबित हो रही है.
कैसा रहा है स्टीव स्मिथ का बेमिसाल ODI करियर? (Stats & Records)
ऑस्ट्रेलिया को स्टीव स्मिथ की कमी क्यों खल रही है, इसे उनके वनडे करियर के आंकड़ों से साफ समझा जा सकता है। स्मिथ ने अपने वनडे करियर में कंगारू टीम के लिए एक स्तंभ की तरह काम किया है:
मैच और रन: स्टीव स्मिथ ने अपने करियर में 170 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 43 से ज्यादा की बेहतरीन औसत के साथ 5,800 से रन बनाए हैं।
शतक और अर्धशतक: उनके नाम वनडे क्रिकेट में 12 शानदार शतक और 33 से ज्यादा अर्धशतक दर्ज हैं, जो यह साबित करते हैं कि वह पारी को संभालना और उसे बड़े स्कोर में बदलना बखूबी जानते थे।
वर्ल्ड कप के बड़े प्लेयर: साल 2015 के वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को चैंपियन बनाने में स्मिथ की नॉकआउट पारियों का सबसे बड़ा योगदान था। नॉकआउट मैचों में लगातार 50+ का स्कोर बनाने का उनका रिकॉर्ड आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों के लिए एक मिसाल है।
| Steve Smith ODI Stats | Records |
| Matches | 170 |
| Total Runs | 5800+ |
| Batting Average | 43+ |
| Centuries (100) | 12 |
| Half-century (50) | 33 |
जोश इंग्लिस और ग्रीन भी साबित हो रहे फ्लॉप, नहीं मिल रहा स्मिथ का विकल्प
ऐसा नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया के पास टैलेंटेड खिलाड़ी नहीं हैं। टीम में इस वक्त जोश इंग्लिस (Josh Inglis), कैमेरॉन ग्रीन (Cameron Green), मैथ्यू शॉर्ट (Matthew Short) और कूपर कॉनोली (Cooper Connolly) जैसे कई शानदार और युवा बल्लेबाज शामिल हैं. ये सभी खिलाड़ी जानते हैं कि आधुनिक क्रिकेट कैसे खेला जाता है.
लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि इनमें से कोई भी खिलाड़ी क्रीज पर टिककर लंबी पारी खेलने और मैच को फिनिश करने की जिम्मेदारी नहीं ले पा रहा है. जहां गेंदबाजी विभाग फिर भी अपना काम संभाल रहा है, वहीं बल्लेबाजी विभाग पूरी तरह से फ्लॉप (Collapsing) हो रहा है. ऑस्ट्रेलिया आज एक ऐसे बल्लेबाज की तलाश में भटक रहा है जो स्टीव स्मिथ के लेवल की मैच अवेयरनेस दिखा सके.
कोई भी महान टीम जब बदलाव के दौर (Transition Phase) से गुजरती है, तो उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया की दिक्कत यह है कि उनके नए खिलाड़ी आक्रामक क्रिकेट तो खेल रहे हैं, लेकिन उनके पास गेम को एंकर करने की समझ नहीं है. अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम को दोबारा विश्व क्रिकेट पर राज करना है, तो ग्रीन या इंग्लिस में से किसी एक को अगला ‘स्टीव स्मिथ’ बनाना ही होगा, वरना कंगारू टीम का यह ग्राफ और नीचे गिरता चला जाएगा.
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