Virat Kohli Mentoring Vaibhav Suryavanshi : “जब विराट भैया ने कंधे पर हाथ रखा…!” 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का बड़ा खुलासा, फाइनल के बाद कोहली ने दिए सफलता के 4 गुरुमंत्र
- आईपीएल 2026 फाइनल के बाद का बड़ा खुलासा: 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने विराट कोहली से हुई बातचीत को बताया जीवन का सबसे यादगार पल.
- बड़े भाई जैसा मिला प्यार: वैभव बोले- “बिल्कुल नहीं लगा कि मैं किसी ग्लोबल सुपरस्टार से बात कर रहा हूं, उन्होंने बड़े भाई की तरह समझाया.”
- सफलता के 4 मूलमंत्र: खेल पर फोकस, कड़ी मेहनत, लोगों की बातों को नजरअंदाज करना और जमीन से जुड़े रहना.
Virat Kohli Mentoring Vaibhav Suryavanshi

भारतीय क्रिकेट के ‘किंग’ विराट कोहली न सिर्फ मैदान पर रनों का अंबार लगाने के लिए जाने जाते हैं, बल्कि वह जूनियर और युवा खिलाड़ियों का हाथ थामकर उन्हें आगे बढ़ाने में भी सबसे आगे रहते हैं. आईपीएल 2026 के हाई-प्रेशर फाइनल मुकाबले के बाद मैदान से एक ऐसी ही दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई है. टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाजी से सबको प्रभावित करने वाले 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने खुलासा किया है कि फाइनल के बाद विराट कोहली से हुई उनकी मुलाकात किसी खूबसूरत सपने के सच होने जैसी थी.
“लगा सपना सच हो गया” – विराट कोहली से मुलाकात पर भावुक हुए वैभव
एक रिपोर्ट के अनुसार, मात्र 15 साल की उम्र में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के बड़े मंच पर अपना लोहा मनवाने वाले वैभव सूर्यवंशी किंग कोहली से मिलकर बेहद भावुक हो गए थे. उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा:
“जब विराट भैया ने मेरे कंधे पर हाथ रखा… और मैं कुछ पल के लिए यकीन ही नहीं कर पाया! आईपीएल 2026 फाइनल के बाद विराट कोहली से हुई बातचीत मेरे जीवन के सबसे यादगार और अनमोल पलों में से एक है. मुझे ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि मैं दुनिया के इतने बड़े सुपरस्टार क्रिकेटर से बात कर रहा हूं, उन्होंने एक बड़े भाई की तरह मुझे गले लगाया और समझाया.”
किंग कोहली ने 15 साल के वैभव को दिए ये 4 गुरुमंत्र (Virat Kohli’s Success Mantra)
क्रिकेट के शिखर पर बैठे विराट कोहली जानते हैं कि इतनी कम उम्र में जब किसी खिलाड़ी को बड़ी सफलता और शोहरत मिलती है, तो उसे कैसे संभालना चाहिए. उन्होंने वैभव की पीठ थपथपाते हुए जीवन में सफल होने के 4 सबसे बड़े मंत्र दिए:
खेल पर फोकस रखो: मैदान के बाहर की चकाचौंध को छोड़कर अपना पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपनी बैटिंग और खेल की बारीकियों पर लगाओ.
मेहनत जारी रखो: सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. हर दिन मैदान पर अपनी ट्रेनिंग और मेहनत को पहले से ज्यादा बढ़ाओ.
लोगों की बातों पर ध्यान मत दो: जब आप अच्छा खेलेंगे तो लोग तारीफ करेंगे, खराब होने पर आलोचना होगी. इसलिए बाहर के शोर और लोगों की बातों पर ध्यान देना बिल्कुल बंद कर दो.
सफलता के बाद भी जमीन से जुड़े रहो: कितनी भी बड़ी कामयाबी या स्टारडम मिल जाए, अपने पैर हमेशा जमीन पर रखो और विनम्र बने रहो.
15 साल का यह बाएं हाथ का युवा बल्लेबाज अब टीम इंडिया की नई उम्मीद बन चुका है. जिस तरह से वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल जैसी बेहद दबाव वाली फॉर्म को बरकरार रखा है, उसने दिग्गजों को प्रभावित किया है. अगर वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसी निरंतरता (Consistency) के साथ आगे बढ़ते हैं, तो वह आने वाले सालों में भारतीय क्रिकेट के अगले सबसे बड़े सुपरस्टार बन सकते हैं. किंग कोहली की यह मेंटरशिप वैभव के करियर को एक सही और नई दिशा देने का काम करेगी.
15 साल के वैभव के पास बेमिसाल टैलेंट है, और अब कोहली के इन 4 गुरुमंत्रों को अपनाकर वह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपना एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
क्या आपको लगता है कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनेंगे? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं!
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