Middle Order to Opening : क्रिकेट इतिहास के ऐसे दिग्गज जिन्होंने मिडिल ऑर्डर छोड़ ओपनिंग करके बदल दी क्रिकेट की दिशा ।

Middle Order to Opening : क्रिकेट इतिहास के ऐसे दिग्गज जिन्होंने मिडिल ऑर्डर छोड़ ओपनिंग करके बदल दी क्रिकेट की दिशा ।

क्रिकेट के खेल में लोग अक्सर यह बाते करते है की अगर ओपनर ने रन बनाए या अच्छी नींव रख दी तो मैच का नतीजा लगभग तय हो जाता है । लेकिन क्या होगा अगर वो नींव रखने वाले खिलाड़ी वास्तव में मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज हों? वीरेंद्र सहवाग और सनथ जयसूर्या और रोहित शर्मा  की कहानी इसी सवाल का जवाब है — जिसने न केवल इन खिलाड़ियों के करियर को बदला, बल्कि क्रिकेट के पूरे प्रारूप को हमेशा के लिए बदल दिया।

Middle Order to Opening

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एक आक्रामक शुरुआत वीरेंद्र सहवाग द्वारा 

वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर की शुरुआत एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में की थी, जहाँ उन्हें अपनी छाप छोड़ने में संघर्ष करना पड़ा। उनकी प्रतिभा पर उस समय के भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने पहचाना और उन पर भरोसा जताया और उन्हें पारी की शुरुआत करने का सुझाव दिया। सहवाग ने इस मौके को दोनों हाथों से लपका और फिर जो हुआ, वो इतिहास है।

सहवाग के करियर के कुछ कीर्तिमान:

  • उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक (Triple Century) जड़ने का अद्भुत कारनामा किया।
  • वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने दोहरा शतक लगाया।
  • उनके करियर के कुल 17,252 अंतरराष्ट्रीय रनों में से लगभग 15,500 रन उन्होंने बतौर ओपनर बनाए।

श्रीलंक के तूफानी बल्लेबाज़ सनथ जयसूर्या 

श्रीलंका के सनथ जयसूर्या ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से बल्कि अपनी गेंदबाजी से भी बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया। जब उन्होंने डेब्यू किया था तो वो मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते थे पर उस समय श्रीलंका के कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने उनकी बल्लेबाजी क्षमता को पहचाना और उन्हें ओपनिंग करने के लिए प्रेरित किया। जयसूर्या ने इस बदलाव के साथ ही क्रिकेट में ‘आक्रामक ओपनिंग’ की परिभाषा ही बदल दी।

जयसूर्या का प्रभाव:

  • उन्होंने अपने करियर के 21,032 रनों में से 20,000 से अधिक रन ओपनर के तौर पर ही बनाए।
  • उनकी ओपनिंग करने की शैली ने श्रीलंका को एक नई पहचान दी और टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई।

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एक ऐतिहासिक परिवर्तन : रोहित शर्मा 

वीरेंद्र सहवाग और सनथ जयसूर्या की तरह ही, रोहित शर्मा ने भी अपने करियर की शुरुआत मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में की थी। लंबे समय तक मिडिल ऑर्डर में संघर्ष करने के बाद जब चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें ओपनिंग करने का मौका दिया तो रोहित ने उसे दिनों हाथों से कबूला और कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा उन्होंने अपने खेल में अद्भुत कंसिस्टेंटसी दिखाई और एक महान ओपनर के रूप में उभरकर सामने आए।

रोहित शर्मा के ओपनिंग सफर के कुछ प्रमुख बिंदु:

  • ओपनर बनने के बाद रोहित शर्मा की बल्लेबाजी में एक नया आक्रामक और संयमित रूप देखने को मिला।
  • उनकी ओपनिंग की सफलता ने न केवल भारतीय टीम को मजबूती दी, बल्कि उन्हें दुनिया के सबसे घातक सलामी बल्लेबाजों में से एक बना दिया।
  • जिस तरह गांगुली ने सहवाग पर और रणतुंगा ने जयसूर्या पर भरोसा जताया था, उसी प्रकार महेंद्र सिंह धोनी के विश्वास ने रोहित के करियर को एक नई दिशा दी।

सही समय पर लिए गए फैसले 

यदि ये  खिलाड़ी केवल मिडिल ऑर्डर तक सीमित रहते, तो शायद दुनिया क्रिकेट का वह रूप नहीं देख पाती जिसे हम आज जानते हैं। सही समय पर लिए गए फैसलों ने क्रिकेट को ये  महान खिलाड़ी दिए जिन्होंने विश्व क्रिकेट को डोमिनेट करा।

सहवाग, जयसूर्या और रोहित शर्मा—इन तीनों खिलाड़ियों का सफर इस बात का प्रमाण है कि सही भूमिका और आत्मविश्वास किसी भी बल्लेबाज को एक औसत खिलाड़ी से ‘लेजेंडरी’ बनाने की क्षमता रखता है। ये खिलाड़ी क्रिकेट इतिहास के उन दिग्गजों में शामिल हैं जिन्होंने यह साबित किया कि मिडिल ऑर्डर से ओपनिंग तक का सफर जोखिम भरा जरूर हो सकता है, लेकिन इसका परिणाम क्रिकेट के इतिहास को बदल देने वाला होता है।

Home Page : Jano Zaroori 

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