Ashok Dinda Becomes Minister : क्रिकेटर से नेता बने अशोक डिंडा की चमकी किस्मत, पश्चिम बंगाल सरकार में बने नए मंत्री!
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने राजनीति में रचा नया इतिहास।
पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट विस्तार के दौरान डिंडा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी माने जाते हैं मोयना (Moyna) विधानसभा सीट से विधायक अशोक डिंडा।
खेल के मैदान पर अपनी तेज तर्रार गेंदबाजी और अनोखे बॉलिंग एक्शन के लिए मशहूर रहे भारत के पूर्व पेसर अशोक डिंडा (Ashok Dinda) अब राजनीति की पिच पर एक नई और बेहद दमदार पारी शुरू करने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार (या राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के तहत कैबिनेट फेरबदल) में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां बीजेपी विधायक अशोक डिंडा को राज्य सरकार में मंत्री (Minister) पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के बेहद करीबी माने जाने वाले डिंडा के लिए यह उनके राजनीतिक करियर की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है।
Ashok Dinda Becomes Minister

क्रिकेट की पिच से सियासत के गलियारों तक का सफर
अशोक डिंडा का जन्म पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले में हुआ था। उन्होंने लंबे समय तक बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट खेला और अपनी रफ्तार के दम पर टीम इंडिया तक का सफर तय किया।
क्रिकेट करियर: डिंडा ने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इसके अलावा वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), पुणे वॉरियर्स और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स जैसी बड़ी टीमों का हिस्सा रह चुके हैं।
राजनीति में एंट्री: साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले डिंडा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था। पार्टी ने उन्हें पूर्व मेदिनीपुर की मोयना (Moyna) विधानसभा सीट से टिकट दिया, जहां उन्होंने शानदार जीत दर्ज की थी।
शुभेंदु अधिकारी के ‘खास’ होने का मिला बड़ा इनाम
अशोक डिंडा को हमेशा से ही पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का बेहद करीबी और वफादार माना जाता रहा है। राजनीति के गलियारों में चर्चा तेज है कि डिंडा को मंत्री पद तक पहुंचाने में शुभेंदु अधिकारी की रणनीतियों का बहुत बड़ा हाथ रहा है। बंगाल की राजनीति में चल रहे नए समीकरणों के बीच डिंडा को कैबिनेट में शामिल करना पूर्व मेदिनीपुर क्षेत्र में उनकी पकड़ को और मजबूत करने का एक बड़ा दांव माना जा रहा है।
भारत में खिलाड़ियों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले कीर्ति आजाद, गौतम गंभीर, नवजोत सिंह सिद्धू, मोहम्मद अजहरूद्दीन और लक्ष्मी रतन शुक्ला जैसे क्रिकेटर्स भी राजनीति की पिच पर अपनी किस्मत आजमा चुके हैं और मंत्री पद तक पहुंचे हैं। अशोक डिंडा के मंत्री बनने से खेल जगत के युवाओं में एक नया संदेश जाएगा कि वे खेल के बाद प्रशासनिक और सामाजिक कार्यों में भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
मैदान पर बल्लेबाजों के स्टंप्स उड़ाने वाले अशोक डिंडा के कंधों पर अब पश्चिम बंगाल की जनता की समस्याओं को दूर करने और विकास कार्यों को गति देने की एक बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि खेल की तरह वह राजनीति के इस ‘पावरप्ले’ में अपनी कप्तानी और मंत्रियों वाले रोल को कैसे निभाते हैं।
अशोक डिंडा के मंत्री बनने पर आपकी क्या राय है? क्या एक अच्छा क्रिकेटर एक अच्छा राजनेता भी साबित हो सकता है? हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!
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