बचपन में भाई की जिद, और आज दुनिया में कमाया नाम : जानिए मैट हेनरी के क्रिकेटर बनने की दिलचस्प कहानी।”

बचपन में भाई की जिद, और आज दुनिया में कमाया नाम : जानिए मैट हेनरी के क्रिकेटर बनने की दिलचस्प कहानी।”

बचपन में भाई की जिद, और आज दुनिया में कमाया नाम : जानिए मैट हेनरी के क्रिकेटर बनने की दिलचस्प कहानी।"
बचपन में भाई की जिद, और आज दुनिया में कमाया नाम : जानिए मैट हेनरी के क्रिकेटर बनने की दिलचस्प कहानी।”

क्रिकेट की दुनिया मे हम अक्सर हम खिलाड़ियों की सफलता और उनके रिकॉर्ड की चर्चा करते है , लेकिन क्या आप जानते है की दुनिया के नंबर वन टेस्ट गेंदबाज मैट हेनरी का क्रिकेटर बनने का सफर काफी अनोखा और दिलचस्प है । यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जिसे खेल में कोई दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन आज वह अपनी गेंदबाजी से पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना चुके हैं।

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जहां से उनकी शुरूआत हुई वो थी बैकयार्ड क्रिकेट 

मैट हेनरी का बड़े भाई ‘ केन ‘ को क्रिकेट में बहुत दिलचस्पी थी वो आगे जाकर क्रिकेटर बनना चाहते थे । बचपन में केन अक्सर मैट हेनरी को अपने साथ ‘बैकयार्ड’ में घंटों तक गेंदबाजी करने के लिए मजबूर करते थे। मैट हेनरी को उस समय तक क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नहीं थी । लेकिन उनके भाई केन की जिद के आगे उन्हें घंटों तक बोलिंग करनी पड़ती थी ।

केन का मानना था की मैट हेनरी यक ह्यूमन बोलिंग मशीन की तरह है । केन कभी आउट नहीं होते थे इसलिए मैट उन्हें घंटों तक बोलिंग करते रहते थे। एक दिन में मैट हेनरी लगभग 1000 गेंद डालते थे। क्योंकि मैट हेनरी अपने भाई को तेज रफ्तार (raw pace) से आउट नहीं कर पाते थे, इसीलिए उन्होंने धीरे-धीरे गेंद को ‘स्विंग’ करना सीखा और एक परफेक्ट स्पॉट पर गेंद डालना शुरू कर दिया।

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सफलता का वो अनसुना राज

उनकी मेहनत का सबसे बड़ा उदाहरण है कि साल 2019 का वो odi वर्ल्ड कप का सेफी फाइनल जो इंडिया बनाम न्यूजीलैंड के बीच खेला गया ।जहाँ मैट हेनरी ने भारत के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया था। उन्होंने जो ‘वबल सीम’ (wobble seam) डिलीवरीज का इस्तेमाल किया, वही वेरिएशन वह अपने भाई के साथ खेलते-खेलते ही सीखे थे।

बचपन में भाई की जिद, और आज दुनिया में कमाया नाम : जानिए मैट हेनरी के क्रिकेटर बनने की दिलचस्प कहानी।”

मैट हेनरी की ‘ह्यूमन बॉलिंग मशीन’ वाली सीख

मैट हेनरी का आज नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज बनने का सफर सिर्फ उनकी प्रतिभा का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उनके द्वारा की गई उन लाखों गेंदों के अभ्यास का नतीजा है, जो उन्होंने बचपन में अपने भाई केन को डाली थीं। अपने भाई को आउट करने की जिद उन्होंने न केवल स्विंग सीखी, बल्कि ‘वबल सीम’ जैसी जटिल कला में भी महारत हासिल की। उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि कभी-कभी वे कठिन परिस्थितियाँ, जिन्हें हम उस समय नापसंद करते हैं, भविष्य में हमारी सबसे बड़ी ताकत बन जाती हैं। तो देखा ने अपने

एक सीख

मैट हेनरी का सफर हमें सिखाता है कि कभी-कभी हम जिन चीजों को मजबूरी में करते हैं, वही आगे चलकर हमारी सबसे बड़ी ताकत बन जाती हैं। आज भले ही उनके भाई केन एक बड़े क्रिकेटर नहीं बन पाए, लेकिन उन्होंने अनजाने में ही क्रिकेट जगत को एक ऐसा शानदार गेंदबाज दे दिया, जिसने अपनी मेहनत से दुनिया में अपना नाम रोशन किया।

खेल की दुनिया में जीत सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि घर के पीछे (Backyard) घंटों की गई कड़ी मेहनत से भी तय होती है। ✨

मैट हेनरी के लिए जो खेल एक समय मजबूरी था, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। देखिए कैसे उन्होंने अपनी फ्रस्ट्रेशन को ‘स्विंग’ और ‘वबल सीम’ की कला में बदल दिया।

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