Players played for India and Pakistan : ये हैं वो 3 महान खिलाड़ी जिन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के लिए खेला इंटरनेशनल क्रिकेट

भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के बीच क्रिकेट का मुकाबला हमेशा से सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का समंदर रहा है। मैदान पर दोनों टीमों के बीच दिखने वाली कड़ी टक्कर और फैंस का रोमांच इसे दुनिया की सबसे बड़ी राइवलरी (Rivalry) बनाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे भी पन्ने दर्ज हैं, जो बेहद हैरान करने वाले हैं?
क्रिकेट के इतिहास में 3 ऐसे महान खिलाड़ी हुए हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों की तरफ से क्रिकेट खेला है। भारत के विभाजन (Partition) से पहले और बाद के दौर में इन खिलाड़ियों ने दोनों देशों की जर्सी पहनी। आइए जानते हैं इन 3 दिग्गज क्रिकेटर्स के नाम और उनकी अनोखी कहानी।
Players played for India and Pakistan
आमिर इलाही (Amir Elahi) – दोनों देशों के लिए टेस्ट खेलने वाले लेग स्पिनर
आमिर इलाही का जन्म अविभाजित भारत के लाहौर में हुआ था। वह एक बेहतरीन लेग स्पिनर बल्लेबाज थे। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत भारतीय टीम के साथ की थी, लेकिन बाद में वह पाकिस्तान चले गए।
भारत के लिए करियर: आमिर इलाही ने साल 1947 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में भारतीय टीम की तरफ से अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। यह भारत के लिए उनका एकमात्र टेस्ट मैच था।
पाकिस्तान के लिए करियर: विभाजन के बाद वह पाकिस्तान चले गए। साल 1952-53 में जब पाकिस्तानी टीम अपने पहले आधिकारिक टेस्ट दौरे के लिए भारत आई, तो आमिर इलाही पाकिस्तान टीम का हिस्सा थे। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 5 टेस्ट मैच खेले। खास बात यह है कि जब उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट खेला, तब उनकी उम्र 44 साल थी।
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गुल मोहम्मद (Gul Mohammad) – भारत-पाक दोनों के लिए खेलने वाले आक्रामक बल्लेबाज
गुल मोहम्मद अपने जमाने के एक बेहद आक्रामक खब्बू (लेफ्ट-हैंडेड) बल्लेबाज और कमाल के फील्डर थे। उनका अंतरराष्ट्रीय सफर भी बेहद दिलचस्प और उतार-चढ़ाव भरा रहा।
भारत के लिए करियर: गुल मोहम्मद ने साल 1946 से 1955 के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कुल 8 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने डॉन ब्रैडमैन की अजेय ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ भी भारत की तरफ से बल्लेबाजी की थी। साल 1946-47 में बड़ौदा के लिए खेलते हुए उन्होंने विजय हजारे के साथ मिलकर 577 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की थी, जिसमें उन्होंने अकेले 319 रन बनाए थे।
पाकिस्तान के लिए करियर: साल 1955 में गुल मोहम्मद ने भारत की नागरिकता छोड़ दी और पाकिस्तान चले गए। इसके बाद साल 1956 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कराची टेस्ट में पाकिस्तान की तरफ से एकमात्र मैच खेला, जिसमें पाकिस्तान को जीत मिली थी। बाद में उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) में क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में भी काम किया।
अब्दुल हफीज कारदार (Abdul Hafeez Kardar) – पाकिस्तान क्रिकेट के ‘फादर फिगर’
अब्दुल हफीज कारदार को पाकिस्तान क्रिकेट का सबसे बड़ा स्तंभ माना जाता है। उन्हें ‘फादर ऑफ पाकिस्तान क्रिकेट’ भी कहा जाता है, क्योंकि वह पाकिस्तानी टेस्ट टीम के सबसे पहले कप्तान थे। लेकिन कप्तान बनने से पहले वह भारत के लिए खेल चुके थे।
भारत के लिए करियर: कारदार ने साल 1946 में भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे पर भारत की तरफ से अपना टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने भारत के लिए कुल 3 टेस्ट मैच खेले। उस समय उन्हें ‘अब्दुल हफीज’ के नाम से जाना जाता था।
पाकिस्तान के लिए करियर: विभाजन के बाद उन्होंने अपने नाम के आगे ‘कारदार’ जोड़ा और पाकिस्तान के पहले आधिकारिक कप्तान बने। उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों को उनके शुरुआती दौर में ही टेस्ट मैचों में पटखनी दी थी। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 23 टेस्ट खेले और देश में क्रिकेट को पहचान दिलाई।
आज के दौर में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध राजनीतिक तनाव के कारण लगभग बंद हैं, ऐसे में इतिहास के ये पन्ने वर्तमान पीढ़ी के क्रिकेट फैंस को हैरान कर देते हैं। ये तीनों खिलाड़ी इस बात का उदाहरण हैं कि खेल और खिलाड़ी सीमाओं में नहीं बंधते। इन दिग्गजों का योगदान भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास में हमेशा अमर रहेगा।
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