Shubman Gill vs Virat Kohli at 26 : 26 की उम्र में किसके आंकड़े ज़्यादा भारी ? क्या गिल वाकई गिल कोहली के इंस्पेक्ट की बराबरी कर पाएंगे।

Shubman Gill vs Virat Kohli at 26 : 26 की उम्र में किसके आंकड़े ज़्यादा भारी ? क्या गिल वाकई गिल कोहली के इंस्पेक्ट की बराबरी कर पाएंगे।

क्रिकेट की दुनिया में जब भी किसी नए सितारे सितारे का आगमन होता , है तो उसकी तुलना किंग कोहली से जरूर की जाती है । आज चर्चा इस बात की है क्या शुभमन गिल  26 साल की उम्र तक वाकई में विराट कोहली से आगे निकल चुके है । आइए आपको उनके अकड़े और प्रभाव से जानते है ।

Shubman Gill vs Virat Kohli at 26

Shubman Gill vs Virat Kohli at 26
Shubman Gill vs Virat Kohli at 26

आंकड़ों की जंग

अगर हम केवल आंकड़ों को देखे तो शुभमन गिल का पलड़ा काफी भारी नजर आता है । 26 साल की उम्र में गिल ने जिस निरंतरता और स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाए है । उसने कई दिग्गज को हैरान कर दिया । गिल की बल्लेबाजी में वह शालीनता और तकनीक है जो उन्हें एक नेचुरल रिकॉर्ड ब्रेकर बनाती है । उनके वनडे और t20 अकड़े दर्शातें है की वह आने वाले समय में बल्लेबाजी के सारे बड़े रिकॉर्ड को चुनौती देने के लिया तैयार है ।

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बल्लेबाजी का नजरिया: एग्रेसिव इंटेंट बनाम क्लासिकल तकनीक

दोनों खिलाड़ियों की बल्लेबाजी शैली में एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण अंतर है। विराट कोहली की बल्लेबाजी में एक तरह का ‘एग्रेसिव इंटेंट’ (आक्रामक इरादा) दिखता है, जहाँ वे रन बनाने के साथ-साथ विपक्षी गेंदबाजों पर मानसिक दबाव भी बनाते हैं। वहीं, शुभमन गिल की बल्लेबाजी तकनीक बहुत ही ‘क्लासिकल’ और शांत है। गिल जिस तरह से टाइमिंग और कवर ड्राइव का उपयोग करते हैं, वह काफी हद तक महान खिलाड़ियों की याद दिलाता है। जहाँ कोहली खेल को ‘जंग’ की तरह लड़ते हैं, वहीं गिल उसे एक ‘कला’ (Art) की तरह खेलते हैं। यही कारण है कि कोहली का खेल मैच की परिस्थितियों के हिसाब से ज्यादा आक्रामक हो जाता है, जबकि गिल का फोकस अपनी लय (Rhythm) और तकनीक को बरकरार रखने पर रहता है।

कोहली जैसा खेल – जिससे आंकड़ों से नहीं तोला जाता

विराट कोहली जैसे खेल को तुलना सिर्फ रनो से नहीं की जा सकती । कोहली का असली जादू खेल में उनके इंपैक्ट का है । 26 साल की उम्र में जब कोहली खेल रहे था जब वे सिर्फ रन नहीं बना रहे थे बल्कि टीम को  मुश्किल से मुश्किल हालात से निकाल कर जीत दिला रहे थे । चेस मास्टर के तौर पर कोहली ने जो खौफ सामने वाली टीम में पैदा किया । वह आंकड़े बयां नहीं कर सकते हैं। कोहली ने जिस तरह से भारतीय क्रिकेट की फिटनेस और एटीट्यूड की परिभाषा बदली है, वह उन्हें गिल जैसे उभरते हुए सितारों से एक अलग ऊंचाई पर खड़ा करता है।

क्या कोहली की जगह ले पाएंगे गिल 

यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह कोहली की जगह ले पाएंगे के नहीं । शुभमन गिल के पास वह क्षमता है कि वह कोहली के जितने महान बन सके । लेकिन कोहली जैसा aura और मैच विनिंग एटीट्यूड रातों रात नहीं बनता । कोहली के पास सालों का अनुभव और मैच में दवाब झेलने की वो कला है जो गिल अब सीख रहे है । गिल अपनी रह बना रहे है जबकि कोहली अपना नाम इतिहास के पन्ने में दर्ज कर चुके है ।

निष्कर्ष 

आंकड़ों में भले ही गिल आगे हो सकते है पर लेकिन प्रभाव में   विराट कोहली बेजोड़ है । शुभमन गिल निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट के भविष्य है । लेकिन विराट कोहली क्रिकेट के किंग बन चुके है । यह दो पीढ़ियों का मिलन है जहां यक भविष्य की और देख रहा है और दूसरा पहले ही शिकार पर पहुंच चुका है । आने वाला समय बताएगा की क्या गिल कोहली के उस इंपैक्ट को छू पाएंगे के नहीं ।

Home Page : Jano Zaroori 

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