IPL history 6 biggest blunders : जब इन खिलाड़ियों को छोड़ना फ्रेंचाइजियों को पड़ा बहुत भारी, दूसरी टीम में जाते ही मचाई तबाही!
(IPL) के ऑक्शन और रिटेंशन टेबल पर एक सही फैसला किसी भी टीम को चैंपियन बना सकता है, तो वहीं एक गलत फैसला सालों-साल का पछतावा दे जाता है। आईपीएल के इतिहास में कई बार ऐसा देखा गया है कि फ्रेंचाइजियों ने कुछ खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ फॉर्म’ या ‘कमजोर’ समझकर अपनी टीम से रिलीज (Release) कर दिया।
लेकिन इन खिलाड़ियों ने दूसरी टीम में जाते ही अपने बल्ले और गेंद से ऐसा कोहराम मचाया कि पुरानी फ्रेंचाइजियां आज भी अपना सिर पीटती होंगी। आइए नजर डालते हैं आईपीएल इतिहास के उन 6 सबसे बड़े ब्लंडर्स (Blunders) पर, जो आज भी क्रिकेट गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनते हैं।
IPL history 6 biggest blunders
1. केएल राहुल (KL Rahul) – आरसीबी की सबसे बड़ी भूल

साल 2016 के आईपीएल में केएल राहुल रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) का हिस्सा थे। उस सीजन उन्होंने विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के साथ मिलकर कमाल की बल्लेबाजी की थी और आरसीबी को फाइनल तक पहुंचाया था।
ब्लंडर: साल 2018 के मेगा ऑक्शन से पहले आरसीबी ने उन्हें रिटेन न करके रिलीज कर दिया।
तबाही: पंजाब किंग्स ने उन्हें खरीदा और उसके बाद राहुल ने लगातार हर सीजन 500-600 से ज्यादा रन कूट डाले। वह आईपीएल के सबसे कंसिस्टेंट (लगातार रन बनाने वाले) भारतीय ओपनर बन गए। आरसीबी आज तक उनके रिप्लेसमेंट के लिए तरसती है।
2. ट्रेंट बोल्ट (Trent Boult) – दिल्ली कैपिटल्स का आत्मघाती फैसला

बाएं हाथ के स्विंग गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट साल 2018 और 2019 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम में थे। दिल्ली ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए और बेंच पर बिठाए रखा।
ब्लंडर: दिल्ली कैपिटल्स ने साल 2020 में एक बेहद चौंकाने वाला फैसला लेते हुए बोल्ट को मुंबई इंडियंस (MI) के साथ ट्रेड (साझा) कर दिया।
तबाही: मुंबई इंडियंस में जाते ही बोल्ट ने जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर ऐसी खौफनाक जोड़ी बनाई कि पावरप्ले में विरोधी टीमों की धज्जियां उड़ गईं। 2020 के फाइनल में बोल्ट ने दिल्ली के खिलाफ ही मैच जिताऊ स्पेल फेंका और मुंबई को चैंपियन बना दिया।
3. युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) – बैंगलोर का वो अनसुलझा फैसला

युजवेंद्र चहल आरसीबी के इतिहास के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। चिन्नास्वामी जैसे छोटे स्टेडियम में, जहां गेंदबाजों की बेरहमी से कुटाई होती है, वहां चहल ने अकेले दम पर आरसीबी को अनगिनत मैच जिताए।
ब्लंडर: आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन से पहले आरसीबी मैनेजमेंट ने चहल को रिटेन नहीं किया और ऑक्शन में भी उन पर बोली नहीं लगाई।
तबाही: राजस्थान रॉयल्स (RR) ने उन्हें लपक लिया। राजस्थान के लिए अपने पहले ही सीजन (2022) में चहल ने पर्पल कैप (Purple Cap) जीती और हैट्रिक समेत 27 विकेट चटकाए।
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4. शेन वॉटसन (Shane Watson) – आरसीबी का एक और खराब निर्णय

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर शेन वॉटसन साल 2016 और 2017 में आरसीबी की टीम में शामिल थे। 2017 का सीजन उनके लिए बेहद खराब रहा था, जिसके बाद आरसीबी ने उन्हें बूढ़ा और फॉर्म से बाहर मानकर रिलीज कर दिया।
ब्लंडर: साल 2018 में महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने वॉटसन पर भरोसा जताया।
तबाही: वॉटसन ने सीएसके के लिए ओपनिंग करते हुए 2018 के आईपीएल फाइनल में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एक ऐतिहासिक, नाबाद शतक जड़कर चेन्नई को चैंपियन बना दिया। उन्होंने आरसीबी के फैसले को पूरी तरह गलत साबित किया।
5. हेनरिक क्लासेन (Heinrich Klaasen) – आरसीबी की पारखी नजरों की चूक

साउथ अफ्रीका के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन साल 2019 में आरसीबी के स्क्वाड का हिस्सा थे। उन्हें सिर्फ 3 मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें वह फ्लॉप रहे और आरसीबी ने उन्हें तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया।
ब्लंडर: आरसीबी से निकलने के बाद क्लासेन ने स्पिनर्स के खिलाफ दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज का तमगा हासिल किया।
तबाही: सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) में शामिल होने के बाद क्लासेन ने जो तबाही मचाई, उसे पूरी दुनिया जानती है। आईपीएल 2024 और उसके बाद के सीजन में उनका स्ट्राइक रेट 200 के करीब रहा और वह मौजूदा दौर के सबसे घातक टी20 फिनिशर बन चुके हैं।
6. जोस बटलर (Jos Buttler) – मुंबई इंडियंस की बड़ी मिस्टेक

इंग्लैंड के सफेद गेंद के कप्तान जोस बटलर साल 2016 और 2017 में मुंबई इंडियंस (MI) के लिए खेला करते थे। मुंबई ने उन्हें मिडिल ऑर्डर और लोअर-मिडिल ऑर्डर में खिलाकर उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल नहीं किया।
ब्लंडर: मुंबई इंडियंस ने साल 2018 के ऑक्शन से पहले बटलर को रिलीज कर दिया।
तबाही: राजस्थान रॉयल्स ने बटलर को अपनी टीम में लिया और उनसे ओपनिंग कराई। ओपनर बनते ही बटलर ‘बॉस’ बन गए। साल 2022 में उन्होंने अकेले दम पर 4 शतक ठोककर 863 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीती। वह आईपीएल इतिहास के सबसे खतरनाक विदेशी ओपनर्स में शुमार हो गए।
निष्कर्ष (Conclusion)
ये 6 ब्लंडर्स इस बात का सबूत हैं कि आईपीएल में सिर्फ पैसा होना काफी नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के टैलेंट को पहचानना और उन पर भरोसा बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। आरसीबी, दिल्ली और मुंबई जैसी टीमों के ये पुराने फैसले आज भी आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट्स माने जाते हैं।
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