Mitchell Starc stats injury comeback : पैर में 30 टांके, विकेटकीपर से शुरुआत और फिर ऐसे बने ‘Modern Day
क्रिकेट के मैदान पर जब कोई गेंदबाज 150 किमी/घंटे की रफ्तार से अंदर आती हुई यॉर्कर फेंकता है, तो अच्छे से अच्छे बल्लेबाज के पैर कांप जाते हैं। हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के खतरनाक और आधुनिक युग के सबसे महान तेज गेंदबाजों में से एक मिशेल स्टार्क (Mitchell Starc) की। स्टार्क आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, गजब का जज्बा और एक बेहद खूबसूरत लव स्टोरी छिपी है। आइए जानते हैं सिडनी के एक आम लड़के से ‘मॉडर्न डे लेजेंड’ बनने तक का मिशेल स्टार्क का यह रोमांचक सफर।
Mitchell Starc stats injury comeback

विकेटकीपर के रूप में की थी करियर की शुरुआत, कोच ने बदला रास्ता
मिशेल स्टार्क का जन्म 30 जनवरी 1990 को sydney (Australia) में हुआ था। बचपन में उनके पिता पॉल उनके सबसे बड़े Support system थे , जिन्होंने उनके भीतर क्रिकेट का जुनून जगाया।
शुरुआती दिनों में की विकेटकीपिंग: आपको यह जानकर हैरानी होगी कि स्टार्क ने अपने करियर की शुरुआत एक तेज गेंदबाज के तौर पर नहीं, बल्कि एक विकेटकीपर के रूप में की थी! वह जूनियर क्लबों के लिए दस्ताने पहनकर विकेट के पीछे खड़े हुआ करते थे।
कोच ने पहचानी काबिलियत जब स्टार्क थोड़े बड़े हुए, तो उनके कोच ने उनके लंबे कद, मजबूत गठीले शरीर और उनके नेचुरल बाएं हाथ के एक्शन को देखा। कोच ने उन्हें विकेटकीपिंग छोड़कर फास्ट बॉलिंग करने की सलाह दी। स्टार्क ने गेंदबाजी शुरू की, तो उनकी गति (Pace) और शानदार स्विंग देखकर हर कोई दंग रह गया। यहीं से उनके एक महान गेंदबाज बनने की नींव पड़ी।
वर्ल्ड कप के ‘बेताज बादशाह’: 2015 और 2019 में मचाई तबाही
साल 2010 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले स्टार्क बड़े टूर्नामेंट्स (ICC Events) के सबसे घातक गेंदबाज माने जाते हैं।
2015 वर्ल्ड कप: ब्रेंडन मैकुलम को वो ऐतिहासिक यॉर्कर
2015 के वनडे वर्ल्ड कप में मिशेल स्टार्क ने अपनी गेंदबाजी से आग उगली थी। मेलबर्न (MCG) में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खतरनाक बल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम क्रीज पर थे। स्टार्क ने मैच के पहले ही ओवर की तीसरी गेंद पर मैकुलम को एक ऐसी लेथल (जानलेवा) यॉर्कर मारी कि उनका स्टंप हवा में उड़ गया। न्यूजीलैंड की टीम उस झटके से पूरे मैच में उबर नहीं पाई। स्टार्क ने उस टूर्नामेंट में 10.18 की अविश्वसनीय औसत से 22 विकेट चटकाए और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया。
2019 वर्ल्ड कप: इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
स्टार्क की भूख यहीं नहीं रुकी। 2019 के वर्ल्ड कप में उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अकेले 27 विकेट झटके, जो कि किसी भी एक सिंगल वर्ल्ड कप एडिशन में किसी भी गेंदबाज द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेट का वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
मिशेल स्टार्क का आईपीएल सफर (IPL Career & Journey)
मिशेल स्टार्क का आईपीएल करियर बहुत ही दिलचस्प रहा है। उन्होंने साल 2014 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की तरफ से अपना आईपीएल डेब्यू किया था। इसके बाद लंबे समय तक उन्होंने अपने वर्कलोड और इंटरनेशनल क्रिकेट पर ध्यान देने के लिए आईपीएल से दूरी बनाए रखी। लेकिन जब भी उन्होंने वापसी की, फ्रेंचाइजियों ने उन पर पैसों की बारिश कर दी।
किन-किन टीमों के लिए खेले स्टार्क?
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB – 2014 से 2015): शुरुआती दो सीजन में आरसीबी के मुख्य तेज गेंदबाज रहे और टीम को प्लेऑफ तक ले जाने में मदद की।
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR – 2024): साल 2024 के मिनी ऑक्शन में केकेआर ने उन्हें ₹24.75 करोड़ की ऐतिहासिक कीमत पर खरीदा था, जिससे वह उस समय आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। उन्होंने केकेआर को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals – 2026): इसके बाद वह दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालते हुए नजर आए।
कैसा रहा मिचेल स्टार्क का ओवरऑल IPL में सफर
मिचेल स्टार्क ने IPL में 40 से जायदा मैच खेले वही उन्होने 55 से ज्यादा विकेट लिए उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सनराइजेस हैदराबाद के खिलाफ 20 रन देकर 4 विकेट रहा । वही उनका एवरेज 22.50 रहा । उनकी इकोनॉमी 8.21 रही ।
10 साल की उम्र में मिला जिंदगी का सच्चा प्यार (Alyssa Healy)
मिशेल स्टार्क की कहानी सिर्फ मैदान पर विकेट चटकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
जब स्टार्क महज 10 साल के थे, तब शेल्टनहम (Cheltenham) के मैदान पर क्रिकेट खेलते समय उनकी मुलाकात एक लड़की से हुई。 वह लड़की भी उसी टीम में विकेटकीपर बनना चाहती थी。 उस लड़की का नाम था एलिसा हीली (Alyssa Healy)। बचपन का यह साथ समय के साथ प्यार में बदला और आगे चलकर दोनों ने शादी कर ली। आज एलिसा हीली ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी हैं, और यह जोड़ी खेल जगत की सबसे सफल जोड़ियों में से एक है।
इंजरी और दर्द को मात देकर की हमेशा दमदार वापसी
एक फास्ट बॉलर का करियर चोटों (Injuries) से भरा होता है, और स्टार्क ने भी अपने करियर में भयानक दर्द झेला है। साल 2013 में उन्हें गंभीर ‘बैक स्ट्रेस फ्रैक्चर’ हुआ, जिसके कारण उन्हें पूरी एशेज सीरीज से बाहर होना पड़ा।
इसके अलावा, एक बार अभ्यास के दौरान उनके पैर में इतनी गंभीर चोट आई कि उन्हें 30 टांके (Stitches) लगाने पड़े और उन्हें 4 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। कोई भी आम खिलाड़ी इस दर्द के आगे टूट जाता, लेकिन स्टार्क ने हार नहीं मानी। उन्होंने चोट से उबरते ही टेस्ट मैच में वापसी की और अपने पहले ही ओवर में विकेट लेकर दुनिया को बता दिया कि उन्हें क्यों ‘लेजेंड’ कहा जाता है।
मिचेल स्टार्क का बड़ा फैक्ट
मिशेल स्टार्क न सिर्फ अपनी गेंदबाजी, बल्कि नॉकआउट मैचों (Playoffs & Finals) में अपने प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। साल 2024 के आईपीएल क्वालिफायर और फाइनल दोनों ही बड़े मुकाबलों में उन्हें उनके शानदार स्पेल के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया था, जो यह साबित करता है कि वह बड़े मंच के असली खिलाड़ी हैं।
मिशेल स्टार्क की कहानी हमें सिखाती है कि अगर आपके पास सही गाइडेंस हो, अपने काम के प्रति पैशन हो और मुश्किल समय में साथ निभाने वाला पार्टनर हो, तो आप दुनिया के किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं। पैर में टांके खाने से लेकर वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने तक, स्टार्क का यह सफर हर क्रिकेट प्रेमी को प्रेरित करता रहेगा।
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