Cricket Rule on Priyansh Arya Run Out : मैदान पर हुई भारी गलतफहमी, जब ऋतुराज और प्रियांश एक ही क्रीज में आ गए; जानिए क्रिकेट का क्या है रूल बुक नियम
क्रिकेट के मैदान पर जब दो बल्लेबाजों के बीच तालमेल (coordination) बिगड़ता है, तो उसका नतीजा अक्सर किसी न किसी को अपना विकेट गंवाकर भुगतना पड़ता है। कुछ ऐसा ही नजारा दांबुला के मैदान पर देखने को मिला, जहां इंडिया ‘ए’, श्रीलंका ‘ए’ और अफगानिस्तान ‘ए’ के बीच शुरू हुई त्रिकोणीय वनडे सीरीज (Tri-Nation ODI Series) के पहले ही मुकाबले में एक अजीबोगरीब runout देखने को मिला।
इंडिया ‘ए’ के सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्या और उनके साथी ऋतुराज गायकवाड़ के बीच हुई एक छोटी सी गलतफहमी के चलते प्रियांश को पवेलियन लौटना पड़ा। हैरानी की बात यह थी कि जब रन-आउट हुआ, तब दोनों ही बल्लेबाज दौड़कर एक ही छोर (क्रीज) पर पहुंच चुके थे। ऐसे में क्रिकेट फैंस के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब दोनों खिलाड़ी एक ही जगह मौजूद थे, तो अंपायर ने सिर्फ प्रियांश आर्या को ही आउट क्यों करार दिया? आइए विस्तार से समझते हैं इस पूरे मामले और क्रिकेट के इस खास नियम को।
Cricket Rule on Priyansh Arya Run Out

कैसे शुरू हुई मैदान पर गलतफहमी?
यह पूरा वाकया भारतीय पारी के 13वें ओवर का है। श्रीलंका ‘ए’ की तरफ से स्पिनर रविंदु फर्नांडो ओवर की आखिरी गेंद डाल रहे थे। उन्होंने एक फुल-लेंथ गेंद ऑफ-स्टंप के बाहर फेंकी, जिसे स्ट्राइक पर मौजूद ऋतुराज गायकवाड़ ने हल्के हाथों से स्वीपर कवर की तरफ धकेल दिया।
दोनों बल्लेबाजों ने पहला रन बेहद आसानी और तेजी से पूरा कर लिया। लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब गायकवाड़ ने दूसरे रन के लिए आवाज लगाई। प्रियांश आर्या भी अपने साथी की कॉल पर बिना सोचे तेजी से दौड़ पड़े। लेकिन जब तक प्रियांश को यह अंदाजा हुआ कि श्रीलंकाई फील्डर ने फुर्ती दिखाते हुए गेंद को बहुत जल्दी उठा लिया है, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
श्रीलंकाई फील्डर और उनके विकेटकीपर niroshan dickwella ने शानदार तालमेल दिखाते हुए गिल्लियां (bails) बिखेर दीं। जब गिल्लियां गिराई गईं, तब तक दोनों भारतीय बल्लेबाज नॉन-स्ट्राइकर एंड की तरफ एक ही क्रीज के भीतर आ चुके थे।
क्रिकेट का नियम (Rule Book) क्या कहता है?
क्रिकेट के नियम (MCC Laws of Cricket) के मुताबिक, अगर खेल के दौरान दो बल्लेबाज दौड़ते हुए एक ही क्रीज (छोर) के अंदर पहुंच जाते हैं, तो उस क्रीज पर कानूनी रूप से पहला हक उस बल्लेबाज का माना जाता है जो वहां पहले पहुंचा हो।
जब इस घटना का रिप्ले टीवी स्क्रीन पर देखा गया, तो साफ हुआ कि ऋतुराज गायकवाड़ ने लाइन को पहले पार किया था और वह सुरक्षित तरीके से क्रीज के अंदर पैर रख चुके थे। प्रियांश आर्या उनसे कुछ ही सेकंड के फासले से पीछे रह गए थे। चूंकि गायकवाड़ ने क्रीज पर पहले अपना अधिकार जमा लिया था, इसलिए नियम के तहत प्रियांश आर्या को ‘नॉट-आउट के दायरे से बाहर’ माना गया और मैदानी अंपायर ने उन्हें रन-आउट देकर मैदान से बाहर भेज दिया।
इंडिया ‘ए’ को लगा बड़ा झटका
प्रियांश आर्या मैदान पर काफी अच्छी लय में नजर आ रहे थे और उनका इस तरह तालमेल की कमी के कारण आउट होना इंडिया ‘ए’ के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ। हालांकि, इस त्रिकोणीय सीरीज की शुरुआत बेहद रोमांचक हो गई है और आने वाले मैचों में प्रशंसकों को ऐसी ही कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। लेकिन इस विकेट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट में सिर्फ शॉट लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि विकेटों के बीच की दौड़ और आपसी बातचीत (communication) भी उतनी ही मायने रखती है।
खेल के मैदान पर तकनीकी रूप से मजबूत होने के साथ-साथ मानसिक सतर्कता और आपसी संवाद कितना जरूरी है, प्रियांश आर्या का यह रन-आउट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। क्रिकेट का नियम स्पष्ट रूप से उस खिलाड़ी को सुरक्षा देता है जो क्रीज पर पहले अपना अधिकार जमा लेता है, और इस मामले में ऋतुराज गायकवाड़ भाग्यशाली रहे। इंडिया ‘ए’ के लिए यह एक कड़ा सबक है, लेकिन इस रोमांचक शुरुआत ने यह साफ कर दिया है कि इस त्रिकोणीय सीरीज में आगे फैंस को जबरदस्त और हैरान कर देने वाला क्रिकेट देखने को मिलने वाला है।
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